सरकार जिस तरह से जनता को चुटिया बनती हे ऐसा लगता हे जैसे जनता कुछ समझती नहीं हे. कोई ये बताएगा की आखिर सभी घोटालो में मंत्रियो के नाम आने के बाद सरकार तुरंत ऍफ़ आई आर क्यों नही करती .वाही कम तब किया जाता हे जब पूरी प्रक्रिया को अपने ढंग से निपटा लेते हे और फिर खबर आती हे की दस्तावेग गायब हो गए. आखिरकार कागजात गाएब हुए कैसे, किसने गायब किये कोण बताएगा इसके बारे में जनाब .
हमारी न्याय प्रणाली पर भी आरोप लग रहे हे अब क्या करे आम इंसान. कुछ भी एक बात समझ में आती हे की जिस तरह ये भ्रस्टाचार मचा हे उसके मुताबिक अब भ्रस्टाचार को संवेधानिक अधिकार बना देना चाहिए,किसीने सही कहा था की सभी कामो के लिए घूस निर्धारित कर देना चाहिए .कम से कम जनता पहले से ही मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहेगी. सरकार यदि साफ हे तो उसे क्या आपत्ति हे जेपीसी के सामने आने में,जितना नाटक लोक सभा में हुआ आkhiर करोडो रूपये बर्बाद हुए लेकिन सरकार को अपने झूठे सम्मान की चिंता हे. शायद इसकी भी सूचना कुछ दिनों में मिले की कागजात गायब हो गए या टोल मोल करके झूठा नाटक हो.हमारा विपक्ष भी एकदम लाजवाब हे.अब क्यों नहीं हो हल्ला मचा रही हे चुकी उसके shasankal में ही इनकी shuruaat हो गयी थी.
मेरे कहने का आशय मात्र इतना हे की सब एक ही थैली क chatte batte हे .दुखद ये हे की न्यायपालिका भी अब भ्रस्टाचार में लिप्त हे अब क्या होगा इस देश का ....मुझे यकीन हे की हमारी युवा शक्ति इस भ्रस्रtachar को ख़त्म करने में अपना अतुलनीय योगदान देगा .हमें ही इंडिया को भारत बनाना होगा .इस पर एक शेर खूब कहा गया हे...शाखाओ से टूट कर गिर जाय वो पत्ते हम नही ,तुफानो से कह दो अपनी ओकात में रहे...
मै आशा करता हूँ की आपका भविष्य उज्जवल हो निर्मल हो आपकी सभी शुभ इच्छाए पूरी हो.नव वर्ष मंगलमय हो .कृपया अपने विचार अवश्य दे.